'सृजन' ही क्यों ?

कॉलेज में पढाई के दौरान कई बार, हिंदी माध्यम की होने के कारण, इंग्लिश न बोल पाने की उलाहना झेली है.
आज भारत में हिंदी बोलने वाले को अनपढ़ और इंग्लिश बोलने वाले को पढ़ा लिखा समझा जाता है. अगर आप ब्लॉग की बात करे तो इंग्लिश की तुलना में हिंदी ब्लॉग्स की संख्या बहुत ही कम  है.

मैंने यह ब्लॉग हिंदी की विचारधारा, खुशबू को जीवित रखने के लिए किया है. आज भी हिंदी कवितायेँ लोगों के दिलों तक पहुँचती है. 'सृजन' का अर्थ होता है 'रचनात्मक' 'कुछ नया करना' … इस ब्लॉग के द्वारा मेरा सतत यह प्रयास रहता है की मै लोगों तक बातें सरल शब्दों में पहुँचाऊ।

इस 'सृजन' की श्रृंखला में आपको रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर, सामाजिक मुद्दे तक की बातों  का निष्पक्ष विवरण मिल जायेगा।

इस ब्लॉग में आप सभी का स्वागत है, उम्मीद है मेरी द्वारा गुथे शब्द आपको जरूर पसंद आएंगे।


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