रविवार, 24 नवंबर 2013

sardi ... aai


सर्दी 


सर्दी आई ठंड हवा के झोंके साथ लाई 
कुहरे ने बतलाया था कल ही, कि आ जाओगे तुम जल्द ही 
आ ही गए हो तुम अब , तो बतला दूँ तुमको अब 
ना ज्यादा सताना हमें तुम, बस जरा सी शरारत करना तुम 
हमने तो कर ली है, तुमसे बचने की  तैयारी 
फिर भी दिल करना चाहता है, तुमसे यारी 

रजाई,स्वेटर, अलाव सबके सब है हमारे हथियार 
पर पता है, ना झेल पाएंगे तुम्हे यार 
ओले, बर्फ के गोले, गिराना जरुर तुम 
स्नोमैन बनाने के लिए, उत्सुक है हम सब 
फिर कहे देती हूँ तुम्हे, ज्यादा ना सताना हमें 
जरा सा कुहरा, जरा सी ठंड से भर देना आगाज़ को तुम 
स्वागत हैं तुम्हारा, "सर्दी जी " ना ज्यादा ठिठुराना  हमें तुम